Interesting facts about Albert Einstein in hindi (अल्बर्ट आइंनस्टाइन के बारे में रोचक तथ्य)


अल्बर्ट आइंनस्टाइन दुनिया के सबसे महानम वैज्ञानिकों में न्युटन
के साथ सबसे ऊपर आते हैं.जिन्होने सिर्फ
कागज और पैन की सहायता से ऐसे सिधांत
दिए और खोजे की जिन्होंने विज्ञान
की रूपरेखा को पल्ट दिया. आइंनस्टाइन
का जन्म जर्मनी में 14 मार्च 1879 को और मृत्यु 18 अ्रपैल 1955 को अमरीका में हुई.आइए
इस असाधारण वैज्ञानिक के बारे में कुछ
रोचक तथ्य और प्रेरक प्रसंग जानते हैं. और पढ़ने
के बाद कृप्या कमेंट जरुर दें.

1. जब आइंस्टाइन का जन्म हुआ तब इनका सिर
बहुत बड़ा था और इन्होंने 4 साल की उम्र तक
बोलना भी शुरू नही किया था. मगर एक दिन
जब 4 साल के आइंनस्टाइन अपने
माता पिता के साथ रात के खाने पर बैठे थे
तो उन्होने अपनी चार साल की चुप्पी तोडते हुए कहा – ‘shoop बहुत गर्म है ‘. अपने बेटे के इस तरह से चार साल बाद एकदम
बोलने से आइंनस्टाइन के माता-पिता हैरान
हो गए.
2. आइंनस्टाइन समुद्री यात्रा करते समय और violin बजाते समय मोजे (जुराबे )पहनने पसंद नही करते थे.
3. आइन्स्टीन ने एक बार कहा – “बचपन में मेरे पैर
के अंगूठे से मेरे मोजों में छेद हो जाते थे इसलिए
मैंने मोजे पहनना बंद कर दिया”।
4. आइंनस्टाइन की यादआसत कुछ
ज्यादा अच्छी नही थी .उन्हें Dates और Phone numbers याद रखने में problem होती थी.यहाँ तक कि उन्हे खुद का नंम्बर
याद नही रहता था .
5. आइंस्टाइन को सिगार पीना बहुत पसंद था।
इतना कि एक बार वह नौका विहार के
दौरान नदी में गिर गए और बाहर निकले
तो पूरी तरह भीग चुके थे, लेकिन इस दौरान
भी उन्होंने बडी हिफाजत से अपने पाइप
को बचाए रखा। मॉन्ट्रियल स्मोकर्स क्लब के वह सदस्य थे। एक बार उन्होंने कहा था,
सिगार पीने से दुनियादारी से जुडे
या व्यावहारिक मामलों में सही नतीजों तक
पहुंचने और शांत रह पाने में बहुत मदद मिलती है।
6. आइंन्स्टाइन का जन्मदिन 14 मार्च
को पूरी दुनिया में ‘जीनियस डे’ के रूप में मनाया जाता है.
7. आइंनस्टाइन बढ़ीया काम करने के लिए रात
को 10 घंटे तक सोते थे.
8. वह बहुत ही अयोग्य संगीतकार थे।
चार्ली चैप्लिन की जीवनी में एक जगह
आइंस्टाइन के संगीत प्रेम का उल्लेख आता है।
वह अपनी किचन में जाकर वॉयलिन बजाते थे,
खाली समय में मोजार्ट का संगीत सुनते थे,
यानी संगीत से उन्हें दिली लगाव था और बचपन से बुढापे तक एक वॉयलिन उनके पास
हमेशा रहा। लेकिन संगीत का ज्ञान उन्हें
इतना कम था कि कई बार तो धुरंधरों के बीच
में बैठकर भी बेसुरा संगीत आत्मविश्वास के
साथ बजाते थे और लोगों की ओर दाद देने के
लिए देखते। बाकी लोग हंसते, लेकिन उनकी पत्नी हमेशा उनकी हौसलाअफजाई
करतीं।
9. महान वैज्ञानिक की स्मरण शक्ति बहुत
खराब थी। व्यावहारिक दुनिया की बहुत
सी बातें वे अक्सरह भूल जाया करते थे। मसलन
बच्चों का बर्थ डे या फिर कोई भी खास
दिन। एक बार तो अपनी गर्ल फ्रेंड का बर्थ डे
भी भूल गए। अगले दिन उन्होंने एक पत्र लिखकर इसकी माफी मांगी। उसमें लिखा-
स्वीटहार्ट, पहले
तो मेरी बधाइयां स्वीकारो अपने बीत चुके
बर्थ डे के लिए…जो कल था और एक बार फिर मैं
उसे भूल गया।
10. एक बार आइंनस्टाइन के गणित के प्रोफैसर ने
उन्हे ‘Lazy dog’ तक कह दिया था क्योकि आइंनस्टाइन पढ़ाई में बहुत
कमजोर थे.
11. आइंनस्टाइन के मन के अंदर विज्ञान के
प्रति रूचि तब पैदा बुई जब उनकी उम्र पाँच
साल थी और उनके पिता ने उन्हें एक Compass लाकर दिया . .
12. वैसे तो आइंनस्टाइन की सभी खोजे प्रसिद्ध
है .मगर उनकी सबसे ज्यादा प्रसिद्धी तब हुई जब उन्होने पु्ंज-उर्जा तुल्य (E=mc2) पर पत्र प्रकाशित किया .इसका मतलब ईकाई पुंज
को अगर प्रकाश की गति के वर्ग के साथ
गुणा कर दिया जाए तो उससे
उतनी ही उर्जा प्राप्त होती है . जापान पर
गिरे परमाणु बंब इसी fomula पे आधारित थे.
मगर आइंनस्टाइन जिन्दगी भर इस गलत प्रयोग के विरूद्ध थे.
13. एक बार आइंनस्टाइन को उनके अजीब व्यवहार
के कारण स्कूल से निकाल दिया गया और वह
17 साल की उम्र में college entrace के सारे
Exams में गणित और विज्ञान को छोड़कर
सभी विषयो में फेल हो गए थे.
15. आइंनस्टाइन लोगो को हमेसा charge रखने के
लिए अपने autographed दिया करते थे और
अपनी सारी दौलत दान में दे दिया करते थे.
16. 1952 में अमरीका ने आइंनस्टाइन को इजराइल
का राष्ट्रपति बनने की पेशकश की परन्तु आइंनस्टाइन ने यह पेशकश यह कह कर
ठुकरा दी कि वह राजनीती के लिए नही बने .
17. एक दिन अल्बर्ट आइंस्टाइन भाषण देने जा रहे थे
तो रास्ते में उनके ड्राइव्हर ने
कहा कि आपका भाषण मैं इतनी बार सुन
चुका हूँ कि लोगों के सामने मैं
ही आपका भाषण दे सकता हूँ। यह कहकर कि ‘ठीक है आज तुम्हीं भाषण देना’ आइंस्टाइन ने ड्राइव्हर की पोशाक पहन कर उसका स्थान
ले लिया और अपना स्थान ड्राइव्हर को दे
दिया।
भाषण हॉल में ड्राइव्हर ने सचमुच, आइंस्टाइन
के जैसे ही, धुआँधार भाषण दिया। भाषण देने के
बाद जब लोगों ने प्रश्न पूछने शूरू किए और ड्राइव्हर पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब
भी सही दिए। किन्तु किसी एक ने
ऐसा कठिन प्रश्न पूछ लिया कि ड्राइव्हर
को उसका उत्तर नहीं पता था। इस पर
ड्राइव्हर ने कहा, “अरे इस प्रश्न का जवाब
तो इतना सरल है कि मेरा ड्राइव्हर बता देगा।” ऐसा कहकर उसने ड्राइव्हर
वाली पोशाक पहने आइंस्टाइन को जवाब देने
के लिए खड़ा कर दिया।
18. जब आइंस्टाइन प्रिंसटन यूनिव्हर्सिटी में
कार्यरत थे तो एक दिन यूनिव्हर्सिटी से घर
वापस आते समय वे अपने घर का पता ही भूल गए। यद्यपि प्रिंसटन के अधिकतर लोग
आइंस्टाइन को पहचानते थे, किन्तु जिस
टैक्सी में वे बैठे थे उसका ड्राइव्हर उन्हें
नहीं पहचानता था। आइंस्टाइन ने ड्राइव्हर से
कहा, “क्या तुम्हें आइंस्टाइन का पता मालूम
है?” ड्राइव्हर ने जवाब दिया, “प्रिंसटन में भला कौन उनका पता नहीं जानेगा?
यदि आप उनसे मिलना चाहते हैं तो मैं
आपको उनके घर तक पहुँचा सकता हूँ।” तब
आइंस्टीन ने ड्राइव्हर को बताया कि वे स्वयं
ही आइंस्टाइन हैं और अपने घर का पता भूल गए
हैं। यह जानकर ड्राइव्हर ने उन्हें उनके घर तक पहुँचाया और आइंस्टाइन के बार-बार आग्रह के
बावजूद भी,
टैक्सी का भाड़ा भी नहीं लिया।
19. एक बार आइंस्टाइन प्रिंसटन से कहीं जाने के
लिए ट्रेन से सफर कर रहे थे। जब टिकट चेकर उनके
पास आया तो वे अपनी टिकट ढ़ूँढ़ने के लिए जेबें
टटोलने लगे। जेब में टिकट के न मिलने पर उन्होंने
अपने सूटकेस को चेक किया। वहाँ भी टिकट
को नदारद पाकर अपनी सीट के आस-पास खोजने लगे। यह देखकर चेकर ने
कहा कि यदि टिकट गुम हो गई है तो कोई
बात नहीं, वह उन्हें अच्छी प्रकार से
पहचानता है और उसे विश्वास है कि टिकट
जरूर खरीदी गई होगी। चेकर जब बोगी के सभी लोगों का टिकट चेक
करके वापस जा रहा था तो उसने
देखा कि आइंस्टाइन अपनी सीट के नीचे
टिकट ढ़ूँढ़ रहे हैं। तब चेकर फिर से उन्हे
कहा कि वे टिकट के लिए परेशान न हों, उनसे
टिकट नहीं माँगा जाएगा। चेकर की बातें सुनकर आइंस्टाइन ने कहा, “पर
टिकट के बिना मुझे पता कैसे चलेगा कि मैं
जा कहाँ रहा हूँ?”
20. किसी समारोह में एक महिला ने आइंस्टीन से
सापेक्षता का सिद्धांत समझाने
का अनुरोध किया।
आइन्स्टीन ने कहा: “मैडम, एक बार मैं देहात में अपने अंधे मित्र के
साथ घूम रहा था और मैंने उससे कहा कि मुझे दूध
पीने की इच्छा हो रही है“।
“दूध?” – मेरे मित्र ने कहा – “पीना तो मैं
समझता हूँ लेकिन दूध क्या होता है?”
“दूध एक सफ़ेद द्रव होता है” – मैंने जवाब दिया।
“द्रव तो मैं जानता हूँ लेकिन सफ़ेद
क्या होता है?”
“सफ़ेद – जैसे हंस के पंख“।
“पंख तो मैं महसूस कर सकता हूँ लेकिन ये हंस
क्या होता है?”
“एक पक्षी जिसकी गरदन मुडी सी होती है“।
“गरदन तो मैं जानता हूँ लेकिन यह
मुडी सी क्या है?”
“अब मेरा धैर्य जवाब देने लगा। मैंने उसकी बांह
पकड़ी और सीधी तानकर कहा –
“यह
सीधी है!” –
फ़िर मैंने उसे मोड़ दिया और
कहा – “यह मुडी हुई है“।
“ओह!” – अंधे मित्र ने कहा – “अब मैं समझ
गया दूध क्या होता है“।
21. जब आइन्स्टीन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे
तब एक दिन एक छात्र उनके पास आया। वह
बोला –
“इस साल की परीक्षा में वही प्रश्न
आए हैं जो पिछले साल की परीक्षा में आए थे”।
“हाँ” – आइन्स्टीन ने कहा – “लेकिन इस साल उत्तर बदल गए हैं”
22. आइन्स्टीन के एक सहकर्मी ने उनसे
उनका टेलीफोन नंबर पूछा। आइन्स्टीन पास
रखी टेलीफोन डायरेक्टरी में अपना नंबर ढूँढने
लगे। सहकर्मी चकित होकर बोला –
“आपको अपना ख़ुद का टेलीफोन नंबर
भी याद नहीं है?” “नहीं” – आइन्स्टीन बोले – “किसी ऐसी चीज़
को मैं भला क्यों याद रखूँ जो मुझे किताब में
ढूँढने से मिल जाती है”। आइन्स्टीन कहा करते थे कि वे कोई
भी ऐसी चीज़ याद नहीं रखते जिसे दो मिनट
में ही ढूँढा जा सकता हो।
23. आइंस्टाइन की मृत्यु के बाद उनके परिवार
की अनुमति के बिना उनका दिमाग निकाल
लिया गया . यह अनैतिक कार्य Dr.Thomas
Harvey द्वारा उनके दिमाग पर रिसर्च करने के
लिए किया गया. 1975 में उनके बेटे Hans
की आज्ञा से उनके दिमाग के 240 सैंपल कई वैज्ञानिकों के पास भेजे जिन्हें देखने के बाद
उन्होने पाया कि उन्के दिमाग में आम इन्सान
से ज्यादा cells की गिणती है.

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